Saturday, May 22, 2010
स्वागतम
प्रोजेक्ट हील में आपका स्वागत है। प्रोजेक्ट हील एक प्रयास है उनकी आवाज़ आप तक पहुँचाने का जिनकी आवाज़ आज के भाग दौड से भरे जीवन में दब कर रह गई है। उनके अधिकारों के बारे में बात करने का ये मंच है जिनके अधिकारों को लेकर हमारा समाज उतना सजग नहीं जितना की एक स्वस्थ समाज को होना चाहिए। ये आवाज़ है हमारे और आपके, हम सबके बच्चों की, ये बच्चे जो हमारा और हमारे देश का भविष्य हैं, उनके आज को लेकर हम एक समाज के रूप में कितने गंभीर हैं? यह मंच है उन मुद्दों को उठाने का जो हमारे बच्चों के बचपन से जुड़े हैं और साथ ही जुड़े हैं अपने समाज के लिए बेहतर भविष्य के उस वादे से जो हमारे बुजुर्गों ने एक नोवोदित राष्ट्र के प्रबुद्ध नागरिकों के तौर पर अपने आपसे स्वाधीनता मिलने के समय किया था, एक सभ्य और सुसंस्कृत समाज बनाने का वादा। यह मंच स्वर देने का एक प्रयास है हमारे उन बुजुर्गों की भावनाओं को जो हमारा भविष्य बनाने के लिए अपने आज को दांव पर लगाने में ज़रा भी न हिचके पर जिनके आज को लेकर हम कितने गंभीर हैं ये देश में तेज़ी से बढते हुए वृद्धाश्रमों को देख कर जाना जा सकता है। साथ ही साथ इस ब्लॉग को बनाने का एक लक्ष्य यह भी है की देश में हो रही उन सार्थक सामाजिक पहलों को और हिम्मती और होनहार लोगों के उन सराहनीय कामों को आपके सामने लाया जाये जिन्हें हमारा मीडिया बड़ी खबर नहीं बनाता। यह एक पड़ाव है ठहरने का और ठहर कर सोचने का की जिस दौड भाग में हम और आप सुबह से शाम तक उलझे रहते हैं क्या वो इतनी ज़रुरी है की उसके लिए हम अपने बच्चों से और अपने बड़े बुजुर्गों से कट जाएँ? क्या यही वह विकास है जिसे एक समाज के तौर पर पाने की हम कामना करते थे? सवाल बड़ा है और इसका उत्तर हमें खुद खोजना पड़ेगा, आत्मचिंतन से और आत्ममंथन से। प्रोजेक्ट हील इसी दिशा में एक प्रयास है। आपसे विनम्र अनुरोध है की आप इस प्रयास से जुड़ें और अपने विचार, लेख, और आलोचनाये हमें भेजें। इस बात की प्रबल संभावना है की कई और आवाजों की तरह प्रोजेक्ट हील के जरिये उठाई गई आपकी और हमारी आवाज़ भी इस शोरगुल में नक्कारखाने में तूती की आवाज़ साबित हो पर मेरा मानना है की ये फिर भी चुप रहने से बेहतर होगा।
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1 comment:
aapka ye prayaas bahut hi sarahaniye hai. desh ke bhavishay kehlane vale bachhon ki peda to samajhne vale is desh me kum he hein. doosre ke dukh ko mehsoos karne aur usay door karne ki aapki visheshta aapki ucch soch aur vyaktitva ko pradarshit karti hai. aapki safalta ke liye bahut bahut shubkamnayein.
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